पी.टी.एस. ग्वालियर

पुलिस प्रशिक्षण शाला तिगरा का परिचय

तत्कालीन महाराजा जीवाजीराव सिंधिया ने सन 1913 में ग्वालियर शहर की पेयजल समस्या के निदान हेतु तिगरा जलाषय का निर्माण कराया था। सन् 1937 मे ब्रिटिश "सी प्लेन्स" के अड्डे हेतु इस रमणीक स्थान पर जेटी का निर्माण कराया गया। द्वितीय विश्वयुध्द मे इस अड्डे का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

स्वतंत्रता उपरांत सन् 1960 में श्री के.एफ. रूस्तमजी, तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक, मध्य प्रदेष शासन द्वारा इस स्थान को प्रशिक्षण शाला का रूप दिया गया। तिगरा जलाषय की गोद में स्थित इस प्रशिक्षण षाला का उद्घाटन, तत्कालीन मुख्य मंत्री, डॉ. कैलाषनाथ काटजू, मध्य प्रदेष शासन द्वारा वर्ष 1960 में किया गया। तब से लेकर अब तक 56 वर्षो में यह प्रशिक्षण शाला उत्तरोत्तर विकास के मार्ग पर अग्रसर होती रही है। अब तक इस प्रशिक्षण शाला में 69 नवआरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वर्तमान में 70 वॉ बुनियादी प्रशिक्षण सत्र दि0 17.4.17 से संचालित है। इस प्रशिक्षण शाला में बुनियादी प्रशिक्षण के अतिरिक्त प्रशिक्षण निदेशालय पुलिस मुख्यालय, द्वारा निर्धारित प्रशिक्षण कार्यक्रम के अनुसार समय-समय पर पूर्व पदोन्नती कोर्स, कम्प्यूटर बेसिक कोर्स, मानव अधिकार कोर्स, कम्युनिटी पुलिसिंग कोर्स, स्ट्रेस मैनेजमैट कोर्स, टेरेरिज्म कोर्स, मानव व्यवहार, आपदा प्रबंधन सेमीनार इत्यादि का संचालन किया जाता है ।

इस प्रशिक्षण शाला की कुल 172 एकड़ जमीन है, जिसमें 30 एकड आवासीय जमीन पूर्व की सम्मिलित है, जिसमें कार्यालय, क्लासरूम, अधिकारियों तथा कर्मचारियों के आवासगृह, परेड ग्राउण्ड एवं खेलकूद ग्राउण्ड इत्यादि है। शेष 40 बीघा कृषियोग्य भूमि है।

13वे वित्त आयोग के अंतर्गत नवनिर्मित भवनों का निर्माण किया जा चुका है जिसका क्षेत्रफल 13,489 वर्गमीटर एवं ग्राउण्ड एरिया 54,583 वर्गमीटर है। संस्था में स्थित नवीन भवनो व प्रशासनिक भवनो का लोकार्पण दिनांक 13.06.15 को माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, म0प्र0 शासन द्वारा किया गया है। पूर्व में इस प्रशिक्षण शाला में 250 नव आरक्षकों के बुनियादी प्रशिक्षण की व्यवस्था थी वर्ष 2010 से 2014 तक उपलब्ध संसाधनो से क्षमता से दोगुने प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण पूर्ण कराया गया। नवीन भवनो का निर्माण हो जाने के उपरांत प्रशिक्षण क्षमता बढकर अब 1500 नव आरक्षको के बुनियादी प्रशिक्षण की हो चुकी है।